ऐसा दोस्त चाहिए जो हमे अपना मान सके, जो हमारा दिल को जान सके, चल रहा हो हम तेज़ बेरिश मे, फिर भी पानी मे से आँसुओ को पहचान सके!!!! ख़ुश्बू की तरह मेरी सांसो मे रेहाना…… लहू बनके मेरी नसनस मे बेहाना, दोस्ती होती है रिस्तो का अनमोल गेहना………..******* इसलिया इस दोस्ती को कभी अलविदा ना कहना.***********